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हरियाणा सरकार के रोजगार का वादा



राजधानी हरियाणा. युवाओं को नौकरी देने का वादा कर सत्ता में आई भाजपा सरकार अपने 3 साल के कार्यकाल में सिर्फ 16000 युवाओं को नौकरी दे पाई है। भर्ती प्रक्रिया की इस धीमी गति से यह स्पष्ट हो रहा है कि सरकार इन नौकरियों पर जॉइनिंग चुनावी वर्ष में ही कराने के मूड में दिख रही है। ताकि आगे उसका लाभ लिया जा सके। हालांकि सरकार सत्ता संभालने के एक साल बाद यानी जून-2015 में आयोग का गठन कर पाई थी।
 
तीन साल के कार्यकाल में निकाली गई 55000 वैंकेसी के लिए 1.30 करोड़ युवाओं ने आवेदन किया। इनमें से 45 लाख ऐसे हैं जिन्होंने एक से दो जगह, जबकि 85 लाख ऐसे युवा हैं जिन्होंने एक जगह आवेदन किया है। यानी 85 लाख वास्तविक उम्मीदवार मैदान में हैं। करीब 40 हजार पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है। 
 
सरकारी नौकरी मांगने वालों में सर्वाधिक 50% युवा 12वीं पास हैं। 25% ग्रेजुएट, 15 % पोस्ट ग्रेजुएट और 10% 10वीं हैं। एचएसएससी से मिली जानकारी के मुताबिक अगस्त, 2017 तक प्रदेश में 55351 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई। इनमें जेई, पीजीटी, टीजीटी, वीएलडीए, पटवारी, पुलिस कांस्टेबल, जूनियर कोच, यूडीसी, मंडी सुपरवाइजर समेत करीब 43 कैटेगरी में भर्ती किए गए युवा शामिल हैं। पिछली सरकार के समय से संघर्ष कर रहे करीब 12000 जेबीटी इनमें शामिल नहीं हैं। उन्हें अलग से जॉइनिंग दिलवाई गई है। 
 
हुड्डा राज में आखिरी 2 साल में निकली43 हजार भर्ती कोर्ट में
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने अपने कार्यकाल के आखिरी दो वर्षों वर्ष 2013-14 में सर्वाधिक 43 हजार वैकेंसी निकाली गईं। इनमें वर्ष 2009 वाले जेबीटी को तो नियुक्ति मिली। बाकी सभी नौकरियां कोर्ट में फंस गईं। योग्यता और नियमों की अनदेखी पर आवेदक कोर्ट गए। 
 
चौटाला राज में एचसीएस2003 की भर्ती चढ़ी राजनीति की भेट
पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के राज में वर्ष 2003 में एचसीएस की भर्ती आज तक विवादों में है। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश पर भाजपा सरकार ने 32 एचसीएस की जॉइनिंग करवाई है, लेकिन 102 चयनित उम्मीदवारों में कुछ अभी भी हाईकोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। 
 
अनदेखी : आयोग कह रहा लीक नहीं यह तो नकल
राज्य में पिछले दिनों एक के बाद एक हुई पेपर लीक की घटनाओं के सवाल पर एचएसएससी के चेयरमैन भारत भूषण भारती का कहना है कि हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की एक भी परीक्षा का अब तक कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। क्योंकि आयोग ने सिस्टम ही ऐसा फुलप्रूफ बनाया हुआ है कि उसमें पेपर लीक होना संभव ही नहीं है। दरअसल, पेपर लीक होना तब माना जाता है जब परीक्षा शुरू होने से पहले ट्रेजरी से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के बीच पेपर लीक हुआ हो। अब तक जो घटनाएं सामने आई हैं वे पेपर लीक की नहीं, बल्कि नकल माफिया द्वारा नकल कराने के प्रयास की हैं। उनमें पुलिस प्रशासन प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। 
 
रोजगार मुहैया कराना हमारी प्राथमिक्ता
युवाओं को रोजगार मुहैया कराना सबसे बड़ी जरूरत है। हम चाहते हैं कि सबको रोजगार के अवसर मिलें। इसके लिए शिक्षा औऱ कौशल विकास पर काम किया जा रहा है, ताकि युवा अपना कारोबार कर सकें। सरकारी नौकरियां बहुत कम हैं। सरकार हर साल ज्यादा से ज्यादा 15 हजार नौकरियां ही दे सकती है। इस हिसाब से एक जिले में 700 और एक विधानसभा क्षेत्र में 200 युवाओं को नौकरियां मिल सकती हैं। नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर ही दी जाएंगी। क्योंकि जो व्यक्ति योग्यता के आधार पर नौकरी लेगा, वह कम से कम 35 साल तक प्रदेश को अपनी सेवाएं देगा। जब योग्य व्यक्ति की सेवाएं मिलेंगी तो निश्चित रूप से प्रदेश प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा। 
 
टूट रहा भेदभाव:  क्षेत्रियता की बातें अब हो रही खत्म 
अब यह अवधारणा टूटी है कि रोहतक, झज्जर और सोनीपत से ही सबसे ज्यादा युवाओं को नौकरी मिलती थी। आंकड़े बताते हैं कि इन दो सालों में यमुनानगर, भिवानी, हिसार, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, अम्बाला से सर्वाधिक आवेदन आए। जबकि गुड़गांव, फरीदाबाद, पंचकूला, मेवात से सबसे कम आवेदन आए। 
 
पहली बार : पहली बार मेवात से 39 पुलिसकर्मी हुए भर्ती
मेवात को अब तक राज्य का सबसे पिछड़ा जिला माना जाता रहा है। यही वजह है कि यहां से पिछले 67 सालों में केवल 7 लोग पुलिस में भर्ती हुए। जबकि पिछले दिनों 5000 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती में 39 युवा मेवात से आए। जिले में अब 4 डिग्री कॉलेज खुलने से भी युवाओं में पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ा है। 
हरियाणा सरकार के रोजगार का वादा हरियाणा सरकार के रोजगार  का वादा Reviewed by Editor on September 30, 2017 Rating: 5

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