कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के चलते हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड और सीबीएसई ने अपने पाठ्यक्रम 30 फीसद कम कर दिए हैं। यह पाठ्यक्रम 9वीं से 12वीं तक का कम किया गया है। सभी विषयों में क्या-क्या कम किया गया है, उसे बोर्ड की वेबसाइट पर डाला गया है। साथ ही स्कूल संचालकों के पास भी यह रविवार को पहुंच गया है। दोनों बोर्ड का पाठ्यक्रम एक समान रहे, इसलिए शिक्षा बोर्ड ने अलग से कुछ नहीं हटाया। सीबीएसई के निर्णय को लागू किया। अब बच्चों को कंपिटीशन की तैयारी करते हुए कोई दिक्कत भी नहीं आएगी।
24 मार्च को पूरे देश में लॉकडाउन लागू किए जाने के बाद से स्कूल, कॉलेज व शिक्षण संस्थान बंद हैं। वायरस का प्रकोप बढऩे और संस्थान बंद होने के चलते सीबीएसई ने पहले पाठ्यक्रम को कम करने का ऐलान किया। उसके साथ ही भिवानी बोर्ड ने भी कम करने की बात कही। दोनों ने अब आदेश जारी कर दिए हैं।
चैप्टर नहीं, टॉपिक हुए कम
बोर्ड की तरफ से जारी पाठ्यक्रम में इस बार चैप्टर कम नहीं किए गए हैं बल्कि चैप्टर में टॉपिक कम किए गए हैं। यह टॉपिक ऐसे हैं जो बच्चों को आसान लगते थे। उन टॉपिक के हटने से विद्यार्थी तो परेशान हैं ही, स्कूल भी परेशान हैं।
स्कूलों तक पहुंचा डिलीट पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम में से जो हिस्सा हटाया गया है, वह स्कूलों में भेज दिया गया है। सभी स्कूल संचालकों के पास वाट्सएप है। बोर्ड की वेबसाइट से भी इसे डाउनलोड किया जा सकता है। काफी स्कूल संचालक इस बात से भी परेशान हैं कि कोरोना के समय में आधा साल बीत चुका है। स्कूल खुले नहीं है। चैप्टर तो कम नहीं हुए लेकिन इसमें वो विषय जरूर कम हो गए जो आसान थे।
यह हुए कम
नौंवी में हिन्दी विषय में क्षितिज भाग एक के काव्य खंड में कबीर की साखियां व सबद पाठ से सबद-2, सुमित्रानंदन पंत की ग्रामश्री, केदारनाथ अग्रवाल की चंद्रगहना से लौटती बेर, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की मेघ आए, चंद्रकांत देवताले की यमराज की दिशा काव्य हटाया गया है। इसी प्रकार गद्य खंड में श्यामचरण दूबे के उपभोक्तावाद की संस्कृति, महादेवी वर्मा की मेरी बचपन के दिन आदि को हटाया गया है। साइंस, गणित, अंग्रेजी आदि सभी विषयों में इसी प्रकार कम किए गए है।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने कम किया 30 फीसद पाठ्यक्रम, जानें क्या हुआ बदलाव
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September 02, 2020
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